बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से दो वर्ष का समझौता

गोरखपुर/कुशीनगर(जगदीश सिंह)। नशे की रोकथाम, जागरूकता और नशा मुक्ति के प्रयासों को प्रभावी बनाने की दिशा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के साथ नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दो वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन किया है।

संस्थान गोरखपुर के संयोजक स्वामी अर्जुनानंद जी ने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही नशे से दूर रहने के लिए सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
समझौते के दौरान साध्वी शिताभा भारती, बोध–नशा उन्मूलन कार्यक्रम की वैश्विक समन्वयक, गौरव गुप्ता एवं गौरव सगर ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। मंत्रालय की ओर से सचिव सुधांश पंत, निदेशक आस्तिक कुमार पांडेय तथा मादक पदार्थ रोकथाम एवं योजना प्रभाग के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़ की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
अखंड भारत मिशन के अश्वनी शर्मा ने कहा कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होता है। सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।