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शादी में हुई हर्ष फायरिंग में 10 वर्षीय मासूम बालिका की मौत

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बालिका की मौत को देखते ही शादी की शहनाइयों की आवाज़ मातम में बदलीं

बहराइच(ब्यूरो)| जनपद के तहसील महसी अंतर्गत हरदी थाना क्षेत्र के सिपहिया प्यूली गांव में एक लड़के की शादी थी जहां से रामगांव थाना क्षेत्र में धर्मन पुर गई बारात में देर रात करीब 1:00 बजे जयमाल पड़ते समय हुई अवैध असलहे से हर्ष फायरिंग में एक लगभग 10 वर्षीय बालिका के सिर में गोली लग गई और इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बालिका की मौत को देखते ही शादी की शहनाइयों की आवाज़ मातम में बदल हो गई।

हरदी थाना क्षेत्र के सिपहिया प्यूली निवासी चेतराम के लड़के आशीष की शादी शुक्रवार को रामगांव थाना क्षेत्र के धरमनपुर निवासी पृथ्वीराज पुत्र छोटे लाल की बेटी से हो रही थी। सभी लोग सज धजकर शादी की शहनाइयां बजाते बारात लेकर थाना रामगांव स्थित धर्मन पुर पृथ्वीराज के घर पहुंचे | बारात में चेतराम के चचेरे भाई जीवन लाल अपनी 10 वर्षीय बेटी काजल व बच्चों सहित गए थे। वर वधू दोनों पक्ष के लोग शादी की खुशियों में सराबोर थे वहीं दूल्हे की चचेरी बहन काजल भी अपने भइया की शादी में फूले नहीं समा रही थी । तभी अचानक दगी एक गोली की आवाज़ ने सबकी खुशियों को मातम में बदल दिया। शादी समारोह में जयमाल पड़ने के दौरान करीब 1 बजे अवैध असलहे से बारात आए किसी व्यक्ति ने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी | वहीं मौजूद काजल के सिर पर गोली लगने से वो वहीं गिर गई । आनन फानन में परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि तभी रास्ते में ही काजल ने दम तोड़ दिया । बेटी की मौत से मां कुसमा देवी सिर पटक पटक कर रो रही हैं वहीं परिवार का रो रो बुरा हाल है । जीवन लाल के 4 लड़की व 2 लड़कों के बीच काजल पांचवे नंबर पर थी। बेटी की मौत से देखते ही देखते शादी की शहनाइयां मातम में तब्दील हो गईं। प्रभारी निरीक्षक थाना रामगांव अभय सिंह ने बताया कि बालिका के पिता जीवन लाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है | बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाही की जायेगी। फायरिंग करने वाले का कुछ सुराग हाथ लगा है आरोपी के घर सिपहिया प्यूली में दबिश दी गई है कुछ कामयाबी भी हाथ लगी है जल्द ही घटना का अनावरण कर दिया जायेगा ।

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डीएम ने किया नेपाल सीमा का भ्रमण

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कानून एवं शांति व्यवस्था का लिया जायज़ा

बहराइच(संदीप त्रिवेदी)। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में आम चुनाव में हो रहे मतदान के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने उप जिलाधिकारी नानपारा अजित परेश, एसएसबी के सहायक कमाण्डेण्ट वासुकी पाण्डेय व अन्य के साथ भारत नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा पहुॅच कर सीमा क्षेत्र का भ्रमण कर प्रभारी थानाध्यक्ष रूपईडीहा श्रीधर पाठक से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। डीएम ने एसएसबी, पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेन्सियों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी चौकसी बरतते हुए सीमा पर कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाएं रखें।
उल्लेखनीय है कि विगत 09 नवम्बर 2022 को नेपाल के जनपद बॉके में भारत-नेपाल के अधिकारियों की समन्वय बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें नेपाल साइड से बॉके व बर्दिया तथा इण्डिया साईड से बहराइच एवं श्रावस्ती जनपद के अधिकारी सम्मिलित हुए थे। बैठक में आम चुनाव के दृष्टिगत सीमा पर कानून एवं शान्ति बनाएं रखने हेतु नेपाल साईड के अधिकारियों द्वारा अपेक्षा की गई थी। बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में डीएम ने अन्य प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारियों के साथ सीमावर्ती क्षेत्र का भ्रमण कर कानून एवं व्यवस्था का जायज़ा लिया।

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ज़ब सीएमओ की दिखी दरियादिली…

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कार्यक्रम छोड़ मरीज को देखने लगे सीएमओ

बहराइच(एलएन त्रिवेदी)। रविवार को मुंडेरवा ठकुराइन पीएचसी पर पुरुष नसबंदी पखवाड़ा एंव मुख्यमंत्री जन आरोग्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। सीएमओ डॉ सतीश कुमार सिंह पुरुष नसबन्दी पखवाड़े को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक फालिस अटैक से पीड़ित मरीज को कुछ लोग गोद में उठाकर जन आरोग्य मेले में ले जा रहे थे। सीएमओ की नजर मरीज पर पड़ते ही उन्होंने चिकित्सक धर्म को सर्वोपरि मानते हुए कार्यक्रम को छोड़ कर तत्काल मरीज के पास पहुंच गए और मरीज की जरुरी जांच कराकर आवश्यक दवाएं लिखीं। इस बीच उन्होने एक वृद्ध महिला को भी दवा लिखा जिनके पैर की हड्डी टूट गई थी। सीएमओ की इस दरियादिली की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

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मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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