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Sonbhadra

सामाजिक न्याय और विकास की पक्षधर थीं पूर्व प्रमुख बीना सिंह

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पुण्यतिथि पर अर्पित की गई भावभीनी श्रद्धांजलि

जिले के संभ्रांतजनों के साथ परिचितों और शुभेच्छुओं ने अर्पित किया श्रद्धासुमन

निर्वाण टाइम्स
सोनभद्र (ब्यूरो)।पूर्व ब्लाक प्रमुख बीना सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर शनिवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पीडब्ल्यूडी कालोनी स्थित आवास पर हुई श्रद्धांजलि सभा में जिले के संभ्रांतजनो के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका और योगदान को याद किया। कहा कि बीना सिंह सामाजिक न्याय और विकास की पक्षधर थीं। अपनी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा में वह अपनी निष्पक्षता और कुशलता के जरिए नारी शक्ति के लिए प्रेरणास्रोत बन कर उभरीं।
क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत से विधानसभा चुनाव तक अपनी मजबूत सामाजिक और राजनीतिक पकड़ के जरिए बीना सिंह ने अपनी अलग पहचान कायम की थी। समाज के गरीब, कमजोर वर्गों के साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जीवनपर्यंत प्रयत्नशील रहकर उन्होंने राजनीति को अपनी जनसेवा का जरिया बनाया और खासी लोकप्रियता अर्जित की। श्रद्धांजलि सभा में बीना सिंह के पति एवं वरिष्ठ समाजसेवी इंद्रदेव सिंह के साथ शिक्षाविद ओम प्रकाश त्रिपाठी, डॉक्टर गोपाल सिंह, राम श्रृंगार मिश्रा, वरिष्ठ कथाकार रामनाथ शिवेंद्र, सदर ब्लाक प्रमुख अजीत रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल, जिला संघ चालक हर्ष अग्रवाल, विकास मित्तल, शमशेर सिंह, इंद्रसेन सिंह, सुधाकर पांडेय, अवधेश पांडेय, धर्मेंद्र तिवारी, शैलेंद्र चौबे, श्यामसुंदर चौबे, सुशील पाठक, जिला पंचायत सदस्य नीरज श्रीवास्तव, हिदायतुल्ला खान, बबलू खान, लल्लू खान, देवेंद्र भंडारी, बलदेव सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

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Ambala

मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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Sonbhadra

पसही विद्युत उप केंद्र के अनियमित कटौती से उपभक्ताओं में आक्रोश

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जनपद में दो दो कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद दो दिन से पूरी रात लाइट गायब

ग्रामीणों का आरोप जनप्रतिनिधि नही कर रहे जन समस्याओं का निदान

निर्वाण टाइम्स
सोनभद्र (ब्यूरो)।पसही फीडर के अन्तर्गत अनियमित बिजली कटौती से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने आंदोलन की रणनीति बनाना सुरू कर दिया है।

ज्ञात हो कि पसही उपकेंद्र अन्तर्गत पिछले 15 दिनों से बिजली की धुंआधार अनियमित कटौती की जा रही है, कभी ब्रेक डाउन की वजह से तो कभी रोस्टिंग की वजह से यह सिलाशिला लगभग 15 दिनो से जारी है। दिन में बोला जाता है कि तेज हवा के कारण फीडर बंद है, रात में लिखा जाता है कि सप्लाई बंद होने के कारण आपूर्ति बाधित है। कुल मिलाकर देखा जाए तो मात्र 04 घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सप्लाई की जा रही है। उप केंद्र के एसएसओ रवि प्रकाश व ऋषि दोनो व्यक्ति द्वारा उपभोक्ताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते बात की जाती है। जेई द्वारा फोन रिसीव नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता अनियमित विद्युत कटौती से अजीत आकार अब आंदोलन की रणनीति तैयार करने में लग गए हैं।कभी भी उपकेंद्र पर क्षेत्रीय जनों का आक्रोश उमड़ सकता है। परसौना निवासी राकेश भूषण पाठक तथा ग्राम प्रधान बृजेश पांडेय ने बताया कि रविवार की शाम 4 बजे बिजली आयी 7 बजे कट गई बताया गया कि 20.55 से11.55 तक रोस्टिंग है। फिर मैसेज मिला कि00.35 से अगले आदेश तक बिजली रोस्टिंग में रहेगी इसके बाद सुबह 4 बजे बिजली की आपूर्ति की गई फिर 05 बजे कट गई। क्षेत्र की जनता जानना चाहती है कि ये अनियमित रोस्टिंग किस सक्षम अधिकारी के आदेश से और क्यों की जा रही है उस अधिकारी का नाम,पद व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाए, व रोस्टिंग का कारण भी जनता को बताया जाय कि किस वजह से रोस्टिंग की जा रही है।यदि बिजली कटौती की स्थिति में 2,4 दिन के अंदर सुधार नहीं हुआ तो पसही फीडर की जनता,छात्र,किसान व नौजवान पसही फीडर का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी एक्सियन,एसडीओ, जेई की होगी। अभिभावकों ने एक्सियन से अनुरोध किया था कि 25 अप्रैल से सीबीएससी बोर्ड के बच्चो का पेपर प्रारम्भ हो रहा है ऐसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए बिजली की आपूर्ति को रोस्टिंग मुक्त किया जाय ,पर किसी के द्वारा ध्यान नहीं दिया। ग्राम प्रधान विनोद जायसवाल , रामचंद्र प्रजापति ने कहा कि हम सभी के जनपद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष/प्रदेश कैबिनेट के दो दो माननीय मंत्री के रहते हुए भी समस्या का निदान नहीं हो रहा है,अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने का कुचक्र कर रहे हैं,मात्र 05 घंटे विद्युत सप्लाई मिल रही है।माध्यमिक शिक्षक महासभा के जिला महामंत्री मुस्तकिन अहमद ने कहा कि विद्युत कटौती से इस भीषण गर्मी में बच्चो का जीना दुर्भर हो गया है।घोरावल विधायक डा अनिल मौर्य से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी कम से कम 03/4दिन और दिक्कत झेलनी पड़ेगी,हमारी उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है,उन्होंने आश्वस्त किया है कि 04 दिन में लाइट सप्लाई सुचारू ढंग से चलेगी। विद्युत की खपत अधिक होने के कारण कटौती जारी है।

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Sonbhadra

चार लाख रूपए के कत्था का बोटा वन विभाग की टीम ने पकड़ा

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चालक सहित तीन तस्कर पकड़ाए ,एक फरार

म्योरपुर रेंज के काशी कुड़ से मिर्जापुर ले जाने की थी तैयारी

निर्वाण टाइम्स
म्योरपुर,सोनभद्र (संवाददाता)।वन प्रभाग रेनुकूट के म्योरपुर रेंज स्थित काशीकुड़ से मिर्जापुर तस्करी कर ट्रक से ले जा रहे कत्था ( खैर) का लगभग 8 टन बोटा वन विभाग की टीम ने सोमवार की रात लगभग तीन बजे भोर में तीन तस्करों के साथ पकड़ा है ।वन क्षेत्राधिकारी शहजादा इस्मालुद्दीन
ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि काशी कुड़ गांव से कत्था तस्कर ट्रक से बोटा ले जाने वाले है। सूचना पर यकीन कर रात में टीम बभनडीहा काशी कुड़ मॉर्ग पर घेरा बंदी की इसी दौरान एक ट्रक काशी कुड़ की तरफ से आती दिखी तो उसे रोका गया।ट्रक रुकते ही शिव कुमार निवासी काशी कुड़ ट्रक से कूद कर भाग निकला जबकि धर्म प्रकाश पुत्र, नाहक,निवासी काशी कुड़ , ट्रक चालक फहीम पुत्र तस्लीम और निजामुद्दीन पुत्र अली शेख निवासी फिरोजाबाद को वन विभाग की टीम पकड़ने में सफलता पायी।रेंज कार्यालय लाकर पकड़े गए बोटे की जांच की गई तो लँगभग आठ टन बोटा पाया गया जिसकी बाजार में कीमत लगभग 4 लाख रुपये है। रेंजर श्री शहजादा ने बताया कि फरार शिव कुमार पहले भी कत्था तस्करी के मामले में आरोपी रहा है। उसकी तलाश की जा रही है ,वन विभाग ने साथी आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहद मुकदमा दर्ज किया है। टीम में वन दरोगा शिवकुमार,विजेंद्र सिंह,मुहमद शकील अहमद, वन रक्षक गोविंन्द,सर्वेश यादव, चंद्रभान , सतेंद्र, ओमप्रकाश, विद्या पांडेय शामिल रहे।

फिर उछला चर्चित तस्कर का नाम
म्योरपुर,
दुध्दी तहसील क्षेत्र के एक तस्कर का नाम फिर एक बार चर्चा में है लेकिन वन और पुलिस विभाग के चहेता होने के कारण इस तस्कर का नाम कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता न ही आरोपी बनाया जाता है।सूत्रों की मॉने तो इससे पहले जितना भी कत्था का बोटा पकड़ में आया।सब मे इसी तस्कर का नाम अंदर खाने से आया है। बताया जाता है कि मास्टरमाइंड यही तस्कर कानपुर तक कत्था का बोटा भेजवाता है।वह ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय तस्करों को एडवांस में पैसा देकर कत्था का पेड़ कटवाता है और मौका पाकर बोटा बाहर भेजवाता है।

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