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सुशासन दिवस के रुप मनाया गया पूर्व पीएम स्व. बाजपेयी की जयन्ती

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पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी जी की जयंती आज जनपद में सुशासन दिवस के रुप में मनाया गया। जनपद के सभी विकास खण्डों, मण्डी समितियों सहकारी बैंक के विभिन्न शाखाओं में कृषि मेला, गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।  मा. प्रधानमंत्री मोदी ने किसानो के साथ संवाद स्थापित किया एवं उन्हे सम्बोधित किया गया। जिसका लाईव प्रसारण एलईडी के माध्यम से सभी आयोजन स्थलों पर किया गया। जिसके माध्यम से वे कृषको से रुबरु हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर की गयी तथा प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक डा. श्रीपति मिश्र आदि ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत बटन दबाकर कृषकों के खाते में इस योजना का लाभ स्थानान्तरित किया गया। जिसके तहत इस जनपद के 4 लाख 34 हजार कृषकों में सातवीं किस्त की रुपये 2 हजार की दर से 86.80 करोड़ की धनराशि स्थानान्तरित हुई।
जनपद प्रभारी/राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार), उद्यान श्रीराम चौहान सदर विकास खंड की केन्द्रीय विद्यालय परिसर में, मण्डी परिषद देवरिया तथा विकास खंड भाटपाररानी ब्लाक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सिरकत किये। मण्डी परिसर में श्रमिकों में कंबल भी वितरित किया। केन्द्रीय विद्यालय परिसर में लगायी गयी स्टालों का निरीक्षण भी किया। लार में सलेमपुर सांसद रविन्द्र कुशवाहा एवं पथरदेवा विकास खंड में सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी बतौर मुख्य अतिथि सिरकत किये।
प्रभारी मंत्री श्री चौहान ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी की संकल्पना थी कि गांव किसान समृद्धशाली होगा, किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा तथा देश मजबूत होगा। उनकी मान्यता थी कि गांव-गांव सड़कें बने तो किसान मंडियों से जुडेगें और उन्हे इसके माध्यम से जानकारी भी मिलेगी, जिसके लिये उन्होने स्वर्णीम चतुर्भुज योजना को लाया। इसके तहत प्रधानमंत्री सड़क ग्रामीण योजना को लागू कराया ताकि किसान अपनी उपज को मंडियों व अन्य जगहो पर जहां उन्हे उचित दाम मिले बेच सके।  सडके बनायी गयी, जिससे अब सभी गांव सड़को से जुडे। इसके माध्यम से किसान अपनी उपज को कही ले जाकर बेच सकेगें। श्री अटल जी के संकल्पना को साकार करते हुए प्रधानमंत्री जी किसानो के हित में अनेक योजनायें संचालित कर किसानो की आय को दोगुना करने के लिये प्रयासरत है। पहले मंडियों में आवाजाही के लिये शुल्क देना पडता था, अब इस शुल्क को काफी कम कर दिया गया है किसान मंडियों सहित अपने उपज को देश के किसी भी कोने में, जहां उन्हे अधिक मूल्य मिले बेच सकेगें। उन्होने कृषकों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वे पारम्परिक खेती के अतिरिक्त नगदी खेती सहित कृषि के विशेष आयामो को अपने खेती में शामिल करें, जिससे उनकी आय बढेगी। सरकार किसानो के समृद्धि, खुशहाली एवं आय बढोत्तरी के लिये कृत संकल्पित है। जिलाधिकारी अमित किशोर ने कहा कि किसानो के खाते में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना के तहत एक वर्ष में 2 हजार रुपये की तीन किस्तें कुल 6 हजार रुपये भेजी जाती है। जल-जमाव एवं अतिवृष्टि से नुकसान के दृष्टिगत 17 करोड रुपये की राहत धनराशि भी भेजी गयी है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी अनुश्रवण किया जाता है। अब यह योजना एच्छिक कर दिया गया है। कृषक इस योजना को अपनाकर फसल नुकसान की भरपायी करा सकते है। उन्होने अपील करते हुए कहा कि खुले में शौच की प्रथा को पूर्णतया बन्द करने की जरुरत है। इसके लिये सभी लोग जागरुकता के साथ अपनी भागीदारी निभाये। उन्होने कहा कि कृषको से जुडी समस्यायें यथा- जमीन पैमाईश आदि की जो भी समस्यायें उसका निराकरण कराये जाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा। भाटपाररानी में आयोजित इस कार्यक्रम में अजय दूबे व भाटपाररानी मण्डल अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल ने भी सम्बोधित किया।
जनपद के विभिन्न ब्लाकों हेतु इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नामित किये गये थे। गौरीबाजार में सदर विधायक डा. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, तरकुलवां में संजय सिंह, देसही देवरिया में ब्लाक प्रमुख पथरदेवा सुब्रत शाही, रामपुर कारखाना में रविन्द्र प्रताप मल्ल, रुद्रपुर में जटा शंकर द्विवेदी, बरहज में विजय बहादुर दूबे व रामधुरी गौड, भागलपुर में नीरज शाही उपाध्यक्ष गन्ना विकास, सलेमुपर में विधायक काली प्रसाद, भलुअनी में विनय शंकर दूबे एवं बनकटा विकास खंड में राजकुमार शाही मुख्य अतिथि के रुप में सम्मिलित हुए और पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर भाटपाररानी ब्लाक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी ध्रुव कुमार शुक्ला, क्षेत्राधिकारी, राघवेन्द्र बीर बिक्रम सिंह, जयनाथ कुशवाहा, कृष्णनाथ राय, अश्वनी सिंह, सभाकुंवर एवं सदर विकास खण्ड व मण्डी परिसर में सीडीओ शिव शरणप्पा जी एन, संजय तिवारी, उप निदेशक कृषि डा. एके मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी/विकास खंड अधिकारी सदर कृष्णकान्त राय, अधिशासी अभिंयता पीडब्लूडी कमल किशोर, मण्डी सचिव केके सिंह, दीवाकर उपाध्याय, रामदास मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

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दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस
दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

 

रिपोर्ट: ज्ञानेंन्द्र पाण्डेय

 

कुशीनगर। जनपद के अहिरौली बाजार की पुलिस चोरियों की खुलासा करने में नाकाम साबित हो रही है।एक तरफ प्रदेश सरकार पुलिस को हर स्तर पर बेहतर बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।बावजूद इसके अहिरौली बाजार के थानेदार अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रहे है।पुलिस की निष्क्रियता यह है कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हुई दो दर्जन से अधिक चोरियों का आज तक खुलासा नहीं हो सका। खुलासा करना तो दूर किसी घटना का सुराग तक नहीं लग सकी है।इससे चोरों का हौसला बुलंद है।वहीं एक के बाद एक हो रही चोरियों से लोगों में भय व्याप्त है। एक तरफ जिले के पुलिस अधीक्षक धवल जयसवाल लगातार अभियान चला कर अपराधियों की कमर तोड़ने का कार्य कर रहे हैं।और अपराध पर पूर्ण रूप से विराम से विराम लगाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।तो वहीं अहिरौली बाजार थाने की पुलिस उनके मनसूबे पर पानी फेरने का कार्य कर रही है। जिससे पुलिस महकमे की किरकिरी होती नजर आ रही है। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में बीते 11दिसंबर को घोड़ादेऊर निवासी वकील कन्नौजिया की पंम्पसेट चोरी हुई,बीते दिनांक 21 दिसंबर की रात मुजडिहा में राजकिशोर कन्नौजिया के घर का ताला तोड़कर हजारों के कपड़े गहने की चोरी,बीते दिनांक सोहरौना निवासी वेद पाण्डेय और रामपुर निवासी करुणाकर मिश्रा की पंम्पसेट चोरी,बीते दिनांक 28 दिसंबर को बरडीहा निवासी मुन्ना कन्नौजिया की ट्रैक्टर की बैटरी चोरी,बीते दिनांक 13 नवंबर को जगदीशपुर निवासी राकेश प्रजापति की पंम्पसेट चोरी,

18 नवंबर को टीकर चौराहे पर एक ही रात में तीन गुमटियों का ताला तोड़कर चोरी,बीते दिनांक 27 नवंबर की रात जगदीशपुर और महुअवा खुर्द चौराहे पर दर्जनों गुमटियों का ताला तोड़कर हजारों की चोरी,बीते दिनांक 29 जून को बरडीहा निवासी रितेश सिंह के डीजे की दुकान में 70 हजार रुपए की मशीन की चोरी,बीते दिनांक 27/12/2022 बंशराज सिंह इंटर कालेज लखिमा में चोरी की असफल प्रयास हुई थी।आदि घटनाओं को खुलासा करना तो दूर है।सुराग भी नहीं लगा सकी लगातार हुई इन घटनाओं से अहिरौली बाजार की पुलिस के कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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कुशीनगर:छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

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दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल। 

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान मे हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान मे हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

 

रिपोर्ट: ज्ञानेंन्द्र कुमार पाण्डेय 

 

 

 कुशीनगर।जनपद के अहिंरौली बाजार थाना अंतर्गत जगदीशपुर से रेलवे क्रासिंग के तरफ जाने वाली पीच मार्ग स्थित डीजे के दुकान में हुई चोरी की घटना के बाद भी पुलिस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बरडीहा निवासी रितेश सिह जो जगदीशपुर मुख्य मार्ग से बरडीहा रेलवे क्रासिंग के तरफ़ जाने वाली मार्ग पर डीजे की दुकान चलाते हैं।
छ:माह पूर्व ताला तोड़कर हुए लाखों की चोरी का पुलिस अब तक पर्दाफाश नही कर पाई जिससे पुलिस के कार्यप्रणाली पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे। लोगों का कहना है कि पुलिस रात्रि में गश्त कर रही है फिर भी क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही है जो कहीं कहीं पुलिस की भारी लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त थाना क्षेत्र बरडीहा गांव निवासी रितेश सिह पुत्र रविन्द्र सिंह के डीजे की दुकान में बीते दिनांक 29 जून 2022 की दुकान के पीछे से खिड़की के रास्ते घुसकर तकरीबन 70 हजार रुपए के कीमती मिक्सर मशीन और अन्य सामान की चोरी कर फरार हो गए।सूचना पर मौके से पहुंची पुलिस ने चोरी की घटना का जायजा लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।ताज्जुब इस बात कि है कि घटना को छ: माह बीत गए लेकिन पुलिस अबतक चोरों का सुराग नही लगा पायी है जिससे क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हो गए है।जब चाहे छोटी-बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे है।

 

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मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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