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संघर्ष एवं ईमानदारी के प्रेरणास्रोत थे नंदकिशोर : देवनारायण

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संघर्ष एवं ईमानदारी के प्रेरणास्रोत थे नंदकिशोर : देवनारायण

पूर्व विधायक व लोकतंत्र रक्षक सेनानी स्वर्गीय नन्दकिशोर सिंह की सहवां गांव स्थित लोहिया इण्टर कालेज में मनाई गई तीसरी पुण्यतिथि

निर्वाण टाइम्स

रामपुर कारखाना (देवरिया)। क्षेत्र के सहवां गांव स्थित लोहिया इंटर कालेज में कालेज के संस्थापक प्रबंधक, पूर्व विधायक और लोकतंत्र रक्षक सेनानी नंदकिशोर सिंह की शुक्रवार को समारोह पूर्वक तीसरी पुण्यतिथि मनाई गई। वक्ताओं ने उनके प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके जीवन और व्यतक्तित्व पर प्रकाश डाला।
पुण्यतिथि कार्यक्रम में सहजनवा और पनियरा के पूर्व विधायक व मंत्री देवनारायण सिंह ने पूर्व विधयक और लोकतंत्र रक्षक सेनानी नंदकिशोर सिंह के जीवन व व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि उनके संघर्षों व योगदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह चरित्र, ईमानदारी और संघर्ष के प्रतीक थे। सहजनवा के पूर्व विधायक जीएम सिंह ने कहाकि नंदकिशोर सिंह ने अपनी मेहनत के बल पर सामाजिक ऊंचाइयों को हासिल किया। माध्यमिक शिक्षक संघ नेता अवधेश सिंह ने कहाकि नंदकिशोर सिंह, ने शिक्षा, से लेकर सदन तक अपनी निष्ठा व त्याग का लोहा मनवाया। कभी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया। भाजपा नेता संजय सिंह ने कहा कि 23 सितंबर, 1942 को जन्में नंदकिशोर सिंह ने अपने संघर्षों के बल पर समाज में अपनी जगह बनाई। समाज को एक नई दिशा और सोच देने की सतत कोशिश की। वह इमरजेंसी के दौरान लोहिया और जनेश्वर मिश्र के सिद्धांतों से प्रेरित होकर, लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए जेल गए। वह जनता दल से विधायक रहे। कृषक इंटर कालेज में शिक्षक भी रहे। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े इलाके में सहवां में इंटर कालेज की स्थापना कर अपने दूरदर्शी सामाजिक सोच को आगे बढ़ाया। पूर्व विधायक जन्मेजय सिंह के सुपुत्र पिंटू सिंह ने कहाकि नंदकिशोर सिंह समाज के वंचित लोगों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे। समारोह को वेदव्यास सिंह, डॉ अभय द्विवेदी, सपा नेता विजय प्रताप यादव, अनिल मल्ल, मिथिलेश सिंह, डॉ विनय राव, कमलेश पांडेय आदि ने भी संबोधित किया। शिक्षक शकील वारसी ने अपने ओजस्वी गजलों और संबोधन से समारोह में शमां बांध दिया। अंगवस्त्र देकर अतिथियों का सम्मान किया गया। नंदकिशोर सिंह के सुपुत्र जितेंद्र सिंह और प्रबंधक अनिल सिंह ने अपने स्व पिता के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प दोहराया। साथ ही सभी अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान सच्चिदानंद सिंह, रमेश जायसवाल, राजेश सिंह, लोकतंत्र रक्षक सेनानी रमजान अली, श्यामसुंदर यादव, रामनिवास सिंह, जय प्रकाश सिंह, चंद्रिका बरनवाल, धर्मवीर शर्मा, जितेंद्र प्रजापति, गोपाल प्रसाद, अमीरुल्लाह, आफताब आलम आदि मौजूद रहे।

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दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

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दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस
दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

दर्जनों चोरियों की खुलासा करने में नाकाम है अहिरौली पुलिस

 

रिपोर्ट: ज्ञानेंन्द्र पाण्डेय

 

कुशीनगर। जनपद के अहिरौली बाजार की पुलिस चोरियों की खुलासा करने में नाकाम साबित हो रही है।एक तरफ प्रदेश सरकार पुलिस को हर स्तर पर बेहतर बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।बावजूद इसके अहिरौली बाजार के थानेदार अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रहे है।पुलिस की निष्क्रियता यह है कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हुई दो दर्जन से अधिक चोरियों का आज तक खुलासा नहीं हो सका। खुलासा करना तो दूर किसी घटना का सुराग तक नहीं लग सकी है।इससे चोरों का हौसला बुलंद है।वहीं एक के बाद एक हो रही चोरियों से लोगों में भय व्याप्त है। एक तरफ जिले के पुलिस अधीक्षक धवल जयसवाल लगातार अभियान चला कर अपराधियों की कमर तोड़ने का कार्य कर रहे हैं।और अपराध पर पूर्ण रूप से विराम से विराम लगाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।तो वहीं अहिरौली बाजार थाने की पुलिस उनके मनसूबे पर पानी फेरने का कार्य कर रही है। जिससे पुलिस महकमे की किरकिरी होती नजर आ रही है। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में बीते 11दिसंबर को घोड़ादेऊर निवासी वकील कन्नौजिया की पंम्पसेट चोरी हुई,बीते दिनांक 21 दिसंबर की रात मुजडिहा में राजकिशोर कन्नौजिया के घर का ताला तोड़कर हजारों के कपड़े गहने की चोरी,बीते दिनांक सोहरौना निवासी वेद पाण्डेय और रामपुर निवासी करुणाकर मिश्रा की पंम्पसेट चोरी,बीते दिनांक 28 दिसंबर को बरडीहा निवासी मुन्ना कन्नौजिया की ट्रैक्टर की बैटरी चोरी,बीते दिनांक 13 नवंबर को जगदीशपुर निवासी राकेश प्रजापति की पंम्पसेट चोरी,

18 नवंबर को टीकर चौराहे पर एक ही रात में तीन गुमटियों का ताला तोड़कर चोरी,बीते दिनांक 27 नवंबर की रात जगदीशपुर और महुअवा खुर्द चौराहे पर दर्जनों गुमटियों का ताला तोड़कर हजारों की चोरी,बीते दिनांक 29 जून को बरडीहा निवासी रितेश सिंह के डीजे की दुकान में 70 हजार रुपए की मशीन की चोरी,बीते दिनांक 27/12/2022 बंशराज सिंह इंटर कालेज लखिमा में चोरी की असफल प्रयास हुई थी।आदि घटनाओं को खुलासा करना तो दूर है।सुराग भी नहीं लगा सकी लगातार हुई इन घटनाओं से अहिरौली बाजार की पुलिस के कार्यप्रणाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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कुशीनगर:छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

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दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल। 

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान मे हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान मे हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

छ:माह पूर्व डीजे की दुकान हुए चोरी का पर्दाफाश नही कर सकी पुलिस।

 

रिपोर्ट: ज्ञानेंन्द्र कुमार पाण्डेय 

 

 

 कुशीनगर।जनपद के अहिंरौली बाजार थाना अंतर्गत जगदीशपुर से रेलवे क्रासिंग के तरफ जाने वाली पीच मार्ग स्थित डीजे के दुकान में हुई चोरी की घटना के बाद भी पुलिस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बरडीहा निवासी रितेश सिह जो जगदीशपुर मुख्य मार्ग से बरडीहा रेलवे क्रासिंग के तरफ़ जाने वाली मार्ग पर डीजे की दुकान चलाते हैं।
छ:माह पूर्व ताला तोड़कर हुए लाखों की चोरी का पुलिस अब तक पर्दाफाश नही कर पाई जिससे पुलिस के कार्यप्रणाली पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे। लोगों का कहना है कि पुलिस रात्रि में गश्त कर रही है फिर भी क्षेत्र में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही है जो कहीं कहीं पुलिस की भारी लापरवाही का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त थाना क्षेत्र बरडीहा गांव निवासी रितेश सिह पुत्र रविन्द्र सिंह के डीजे की दुकान में बीते दिनांक 29 जून 2022 की दुकान के पीछे से खिड़की के रास्ते घुसकर तकरीबन 70 हजार रुपए के कीमती मिक्सर मशीन और अन्य सामान की चोरी कर फरार हो गए।सूचना पर मौके से पहुंची पुलिस ने चोरी की घटना का जायजा लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।ताज्जुब इस बात कि है कि घटना को छ: माह बीत गए लेकिन पुलिस अबतक चोरों का सुराग नही लगा पायी है जिससे क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हो गए है।जब चाहे छोटी-बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे है।

 

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मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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