Connect with us

Gonda

रजिस्ट्रेशन के बाद भी टीकाकरण के लिए नहीं पहुंच रहे लोग

Published

on

करनैलगंज गोण्डा (रमेश पाण्डेय)। कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिले में बीते 17 मई से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू किया गया। दो दिन वैक्सीन लगवाने की होड़ के बाद अब अस्पताल में सन्नाटे की दस्तक होती जा रही है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी बहुत से लोग वैक्सीनेशन कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। लोग रजिस्ट्रेशन कराकर टाइम स्लॉट भी बुक करा रहे हैं मगर निर्धारित तिथि पर वैक्सीनेशन कराने नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे उनका वैक्सीनेशन नहीं हो पा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करनैलगंज और हलधरमऊ दोनों ही स्थानों पर प्रतिदिन 240 लोगों का वैक्सीनेशन किया जाना है। सीएचसी करनैलगंज के अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि करनैलगंज में 17 मई को 200, 18 मई को 180 और 19 मई को मात्र 159 लोग ही वैक्सीनेशन कराने पहुंचे। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हलधरमऊ के अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि सीएचसी हलधरमऊ में 17 मई को 129, 18 मई को 190 और 19 मई को मात्र 150 लोग ही वैक्सीनेशन कराने पहुंच सके। जागरूकता के अभाव में लोगों द्वारा वैक्सीनेशन के प्रति बरती जा रही यह लापरवाही निकट भविष्य में क्षेत्र के लिए भारी पड़ सकती है। अधीक्षक डॉ. चंद्रा बताते हैं कि अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध है। जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है उनको प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाया जा रहा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Gonda

बाप-बेटे सहित एक महिला हुई जहरखुरानी के शिकार

Published

on

By

करनैलगंज में भी सक्रिय हुए जहर खुरानी गिरोह

करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर तीन यात्रियों के साथ जहरखुरानी की घटना सामने आई है।
सोमवार की शाम करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर सीतापुर ट्रेन पकड़ने आए अजय पाल सिंह पुत्र केदारनाथ सिंह व उनका आठ साल का बेटा गुल्लु निवासी पूरे सुखमन थाना उमरी बेगमगंज व एक महिला किरन पत्नी सिद्धम निवासिनी बद्दूपुरवा थाना बाराबंकी तीनों यात्रियों को एक अज्ञात व्यक्ति ने चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। चाय पीने के कुछ ही देर बाद तीनों यात्री बेहोश हो गए। यात्रियों को बेहोशी की हालत में आरपीएफ के हेडकांस्टेबल सत्यनाम यादव ने 108 एम्बुलेंस से स्थानीय सीएचसी पहुंचाया। जहां मौजूद चिकित्सक डॉ इमरान मुईद ने प्राथमिक उपचार कर स्थिति गंभीर देखते हुए तीनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

Continue Reading

Gonda

डीएम ने गठित की चार सदस्यीय टीम

Published

on

By

महिला अस्पताल मे अनियमित भुगतान का प्रकरण

गोण्डा(ब्यूरो)। जिला महिला अस्पताल में बिना टेंडर कराए निर्माण कार्य कराने तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों के अनियमित भुगतान के संबंध में बिभिन्न समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई थी, जिसे संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी डॉ० उज्ज्वल कुमार ने तत्काल चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह अपर उपजिलाधिकारी गोण्डा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आदित्य वर्मा जिला अस्पताल गोण्डा, कोषागार अधिकारी गोण्डा, वित्त एवं लेखाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय गोण्डा को जांच अधिकारी नामित किया गया।

Continue Reading

Gonda

सड़क सुरक्षा मेले में विभिन्न कार्यक्रमों की रही धूम

Published

on

By

मेधावियों को डीएम ने किया पुरुस्कृत

गोण्डा(ब्यूरो)। यातायात नियमों के प्रति जागरूक होना और सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा यातायात माह मनाया जा रहा है। जल्दबाजी में कदम उठाने से समाधान नहीं निकलेगा, किन्तु इसके स्थायी समाधान के लिए जरूरी है कि सभी बिन्दुओं पर गंभीरता से विचार कर कदम उठाया जाए। इसके लिए पुलिस, प्रशासन तथा नागरिकों आदि सभी पक्षों को अपने उत्तरदायित्वों का सम्यक निर्वहन करना होगा। यह बात जिलाधिकारी डा. उज्ज्वल कुमार ने रविवार को गांधी पार्क में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा मेले के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण के दौरान कही। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा वास्तव में एक दक्ष यातायात प्रबंधन का परिणाम है। इसमें सड़क मंत्रालय के अलावा कई अन्य मंत्रालयों की भी भूमिका है। हमें ट्रैफिक इंजीनियरिंग, वाहनों से जुड़े नियम, ड्राइवर की ट्रेनिंग, नियमों के अनुपालन और लोगों में जागरूकता जैसे सभी पहलुओं पर कदम बढ़ाना होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि एनसीआरबी के मुताबिक, 2021 में सड़क हादसों में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा मौतें हुईं। सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामले में हम सबसे आगे हैं। लाखों लोग इन दुर्घटनाओं में घायल होते हैं, जो कहीं न कहीं स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव का कारण बनते हैं। इस स्थिति से हम सबको मिलकर निपटना होगा। विशेष रूप से बच्चों व युवाओं को इसमें महती भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि घर से थोड़ी दूरी के लिए निकलते समय भी हम हेल्मेट का प्रयोग अवश्य करें क्योंकि कई बार घर के आसपास ही गंभीर सड़क हादसे हो जाते हैं, जहां हम बिल्कुल बेफिक्र होते हैं।
मेले के नोडल अधिकारी एएसपी शिवराज ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यातायात का सबसे पहला नियम ट्रैफिक सिग्नल से शुरू होता है। इन सिग्नल का पालन सड़क पर वाहन चलाने वाले लोगों के साथ ही पैदल चलने वाले लोगों को भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर से बाहर निकलते ही सड़क पर जाने से पहले बच्चे को यह समझाएं कि सड़क पर जाने व सड़क पार करने से पहले उसे अपने सुरक्षित स्थान पर रुकना चाहिए। उसके बाद बच्चे को सड़क के दाईं व बाईं तरफ देखना चाहिए। वहीं अगर इस दौरान सड़क पर कोई वाहन तेज गति में है, तो उसके जाने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। फिर जब यह सुनिश्चित हो जाए कि रास्ता पूरी तरह से साफ है, तो ही उसे सावधानी के साथ सड़क पार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करते हैं, किन्तु यह बहुत घातक है। ऐसा बिल्कुल ने करें। जेब्रा क्रोसिंग सड़क पार करने का सबसे सुरक्षित तरीका होता है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि बस, कार, ट्रेन या अन्य वाहन में बैठने पर अक्सर बच्चे जिद करते हैं कि उन्हें खिड़की वाली सीट चाहिए, ताकि वे बाहर का नजारा देख सकें। इस दौरान वे अपना हाथ भी खिड़की के बाहर कर सकते हैं, जो बेहद खतरनाक होता है।
यातायात मेले में पोस्टर, भाषण, स्लोगन तथा क्विज चार प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिसमें अनेक स्कूल, कालेजों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा वहां पर पुलिस विभाग के विभिन्न अनुभागों यातायात विभाग, महिला थाना, डायल 112, परिवहन शाखा, चाइल्ड लाइन, अग्निशमन विभाग, यूपी काप, मिशन शक्ति, साइबर सुरक्षा, परिवार परामर्श केन्द्र, महिला हेल्प डेस्क आदि के स्टाल्स भी लगाए गए थे। इस दौरान प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को डीएम ने पुरुस्कृत भी किया।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2020 nirvantimes.com , powered by ip digital