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Basti

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन

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बस्ती(ब्यूरों)। जिले में गाँधी जयंती व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती सादगी से आयोजित किया गया। मण्डलायुक्त अनिल कुमार सागर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर राष्ट्रगान के बाद देश की एकता और अखण्डता का उपस्थित कर्मचारियों को शपथ दिलाया।उन्होंने गाँधी जी तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कुछ समय निकालकर सामाजिक कार्य,दीन दुखियों की सेवा करें। यही इन महापुरूषो के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता दूसरों के लिए काम करने में है। सभी धर्म यही शिक्षा देते है, इन दोनों महापुरूषो ने आजादी की लड़ाई लड़ते हुए सामाजिक कार्यो में रूचि लिया और अन्त्योदय,गरीबों का उत्थान, स्वच्छता, सामाजिक कुरितियों के खिलाफ भी लड़ते रहे। मण्डलायुक्त ने कहा कि अब समय का आ गया है कि हम जाति, धर्म, वर्ग से उपर उठकर समाज और देश के लिए कार्य करें उन्होंने कहा कि गाँधी जी के एक आवाह्रन पर पूरा देश उठ खड़ा होता था। नमक सत्याग्रह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल अंग्रेजी कानून का विरोध नही था बल्कि इसके द्वारा उन्होने पूरी मानव जाति के लिए आवश्यक एक जरूरी वस्तु के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया मण्डलायुक्त ने कहा कि दोनों महापुरूषोे ने साध्य एवं साधन की पवित्रता एवं सुचिता पर बल दिया। यही कारण था कि लोगों को यह विश्वास था कि दोनों महापुरूष देश और समाज के भलाई के लिए कार्य कर रहे है। इसी विश्वास के बल पर गाँधी जी के नेवृत्व में हम सभी को आजादी मिली। समारोह को सम्बोधित करते हुए अपर आयुक्त प्रशासन बृजकिशोर ने कहा कि गाँधी जी का स्वच्छता अभियान कोरोना से बचाव का सही माध्यम है। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी अपना कर जब तक इसकी कोई दवा या बैक्सीन नही आ जाती है, हम अपने जीवन को बचा सकते है उप निदेशक पंचायत अमरजीत सिंह ने कहा कि गाँधी जी के विचारों एवं सिद्धान्तो को भारत एवं राज्य सरकारे लागू करके आगे बढ रही है। विगत तीन माह से पूरे देश में स्वच्छता के लिए सामुदायिक शौचालय, निर्माण का कार्य चल रहा है और इसमें भी उ0प्र0 देश में पहले स्थान पर है। इस अवसर पर सहायक आयुक्त खाद्य डाॅ0 शशि पाण्डेय, उप निदेशक दिव्यांगजन राजकुमार, सुमन श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, सुहेल अहमद,नाजिर सौरभ शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र श्रीवास्तव ने किया राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की 151वी जयन्ती के पावन पर्व पर जनपद के कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने ध्वजारोहण किया। गाँधी जी तथा लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन करते हुए उन्होंने कहा कि आज इनके आदर्श एवं विचार राष्ट्र की प्रगति में प्रासंगिक हैं। हम इन्हें अपने निजी जीवन में आत्मसात करें उन्होंने कहा कि हम सबको जय जवान जय किसान के नारें को पुनः बुलन्द करने की आवश्यकता है। हमें अपने कर्तव्यों का अच्छे से निर्वहन करके एक बेहतर समाज की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण योगदान करना चाहिए। ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी रमेश चन्द्र ने कहा, गाॅधी जी के आदर्श, कर्तव्यनिष्ठा, सहजता जीवन के प्रेरणाश्रोत है।गाँधी जी ने सर्व घर्म सम्भाव का संदेश लोगों को दिया। कार्यक्रम में राजकीय बालिका इण्टर कालेज की छात्राओं ने गाँधी जी का प्रिय भजन रधुपति राधव राजा राम प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने सभी छात्राओं को पुस्तक देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से सहायक उपकरण वितरित किया।उन्होंने बचपन डे केयर सेण्टर के प्री-प्राईमरी बच्चों गौरव चौधरी, नेहा चौधरी, आयुष चौधरी, पिन्की, सार्विका श्रीवास्तव आश्रित शुक्ला, आलिया, तनु, सूरज पाठक, आशीष गौड़, राजकपूर गौड़, विकास, अनुष्का, आरोही, युवराज को श्रवण यंत्र प्रदान किया। उन्होंने सुर्य प्रताप सिंह, सत्यम गुप्ता, दुर्पति को व्हील चेयर एवं सुरेन्द्र कुमार, अशोक कुमार को स्मार्ट केन दिया। इस अवसर पर उप निदेशक दिव्यागंजन अनूप कुमार सिंह, आनन्द पाण्डेय, दिलीप कुमार चौधरी, संजय सिंह, राम शरण चौधरी, मूर्ति यादव उपस्थित रहें। इस अवसर पर सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य कोषाधिकारी श्रीनिवास त्रिपाठी, सीआरओ नीता यादव, अपर उप जिलाधिकारी सुखवीर सिंह, राजेश सिंह, नाजिर मुजतवा, सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ सहायक अशोक मिश्र ने किया विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर गाँधी जी एवं शास्त्री जी के चित्र पर मालयार्पण किया।उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता का शपथ दिलाया इस अवसर पर पीडी आरपी सिंह, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, उपायुक्त मनरेगा इन्द्रपाल सिंह, विनय सिंह, रंजीत निराला, समाज कल्याण अधिकारी रामनगीना, डाॅ0 अश्वनी तिवारी, सावित्री देवी, सुरेन्द्र कुमार उपस्थित रहें।

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Ambala

मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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प्राथमिक चिकित्सा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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बस्ती(रुबल कमलापुरी/ब्यूरों)। जिला ग्राम्य विकास संस्थान परिसर में आपदा प्रबंधन क्षमता एवं सम्बवर्धन के तहत प्राथमिक चिकित्सा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। सामाजिक संस्था ह्यूमन सेफ लाइफ फाउण्डेशन के चेयरमैन एवं रेडक्रास ट्रेनर रंजीत श्रीवास्तव ने सिद्धार्थनगर जिले के बाँसी और इटवा के लेखपालों को आपदा की स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिये प्राथमिक उपचार की जानकारी दी।प्रशिक्षण के दौरान रंजीत श्रीवास्तव ने लेखपालों को दुर्घटना की स्थिति में रक्त-स्त्राव को रोकने का उपचार, हार्ट अटैक की स्थिति की पहचान एवं उसके प्राथमिक उपचार की सीपीआर तकनीक, भूकंप की स्थिति में बचाव के उपाय, विषैले एवं विषहीन सांप के काटने की पहचान, प्राथमिक उपचार, बाढ़ की स्थिति में स्वयं को एवं दूसरे डूबतें हुए व्यक्ति को बचाव के उपाय और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही एस्ट्रेचर, वाहन की अनुपलब्धता में रोगी को अस्पताल पहुंचाने के घरेलू उपाय की यह भी जानाकरी दी। उन्होंने बताया कि चोट लगने के बाद व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले किए जाने वाले सहायक इलाज को प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं। बीमार व्यक्ति की स्थिति को सुधारने के लिए भी प्राथमिक चिकित्सा का प्रयोग किया जाता है। प्राथमिक चिकित्सा पूर्ण चिकित्सा नहीं होती, लेकिन इससे अस्पताल ले जाने के लिए रोगी की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। अस्पताल ले जाते समय या मदद का इंतज़ार करते समय किसी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देने से उसकी जान बच सकती है। आपातकालीन स्थिति में कुछ आसान तकनीकों और बहुत कम उपकरणों का इस्तेमाल करके किसी को प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए आपको विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं है। यह आसानी से सीखा जा सकता है। प्राथमिक चिकित्सा से केवल जान ही नहीं बचाई जाती, इससे व्यक्ति के ठीक होने में समय भी कम लगता है और व्यक्ति को बड़े शारीरिक नुकसान से भी बचाया जा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ विवेक कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रंजीत रंजन, मुकेश कुमार, पवन चौधरी, एल के पांडेय, रणविजय सिंह, अपूर्व शुक्ल, प्रतीक भाटिया, रजत सरकारी, नवीन पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद रहे।

 

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सदैव याद किये जायेेंगे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, माल्यार्पण कर किया नमन्

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बस्ती(रुबल कमलापुरी/ब्यूरों)। रविवार को आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के 126 वीं जयंती अवसर पर सोशल क्लब जिलाध्यक्ष अमर सोनी के संयोजन में नेताजी तिराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान पर संक्षिप्त चर्चा की गई।
क्लब जिलाध्यक्ष अमर सोनी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक सबसे प्रमुख नेता थे। बोस जी ने जनता के बीच राष्ट्रीय एकता , बलिदान और साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना को जागृत किया था। उनके योगदान को सदैव याद किया जायेगा। मण्डल अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय, संरक्षक अरविन्द श्रीवास्तव ‘गोला’ मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ ने नेताजी को नमन् करते हुये कहा कि नेताजी भारत के ऐसे सपूत थे जिन्होंने भारतवासियों को सिखाया कि झुकना नहीं बल्कि शेर की तरह दहाड़ना चाहिए। खून देना एक वीर पुरुष का ही काम होता है। नेताजी ने जो आह्वान किया वह सिर्फ आजादी प्राप्त तक ही सीमित नहीं था बल्कि भारतीय जन-जन को युग-युग तक के लिए एक वीर बनाना था। आजादी मिलने के बाद एक वीर पुरुष ही अपनी आजादी की रक्षा कर सकता है। आजादी को पाने से ज्यादा आजादी की रक्षा करना उसका कर्तव्य होता है। हमें नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिये। नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने वालों में सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ विद्यामणि सिंह, राकेश चौरसिया, प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, सूर्यभान कुमार, अरविन्द कुमार, शिवा कुमार, विकास कुमार आदि शामिल रहे।

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