Connect with us

Basti

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक

Published

on

 

 

बस्ती(समसुलहक)। जिलाधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने कोविड-19 का 45 वर्ष के ऊपर के व्यक्तियों का टीकाकरण कराने के लिए 17 जिला स्तरीय अधिकारियों को नामित किया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होने कहा कि सभी अधिकारियों के साथ एक सीएचओ तैनात किया गया है, जो टीका लगाने का कार्य करेंगी। उन्होेेने कहा कि रजिस्टर मेनटेन करने एवं अन्य कार्यो के लिए नोडल अधिकारी अपने साथ अपना स्टाफ लें जायेंगे वैक्सीनेशन सेण्टर का चयन एक दिन पूर्व नोडल अधिकारी द्वारा किया जायेंगा। सीएचओ निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वैक्सीन संबंधित सीएचसी से प्राप्त करेंगे। उन्होने निर्देश दिया कि नोडल अधिकारी प्रतिदिन 05:00 बजे तक डीआरडीए में परियोजना निदेशक को टीकाकरण की सूचना देंगे। उन्होने बताया कि डीपीआरओ 300, जिला पूर्ति अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला गन्ना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी को 200-200, उपायुक्त उद्योग, सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला विद्यालय निरीक्षक, पीडी डीआरडीए, उपायुक्त मनरेगा, उप निदेशक कृषि को 100-100 तथा डिप्टी डीएफओ, अल्प संख्यक कल्याण, नलकूप, दिव्यांगजन, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी 50-50 टीका प्रतिदिन लगवायेंगे। उन्होने कहा कि कोविड सैम्पलिंग की स्थिति खराब है, प्रभारी चिकित्साधिकारी इसको गम्भीरता से लें। सभी सैम्पल अनिवार्य रूप से शाम को 06:00 बजे तक सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध करा दिया जाय। समय से सैम्पलिंग फीडिंग करायी जाय ताकि पोर्टल पर इसका स्टेटस दिखायी दे। सैम्पल केवल पीले वैकुटेनर्स में कलेक्ट किया जाय तथा उसी दिन लैब को प्रेषित किया जाय। उन्होेने कहा कि बुद्धवार को 84 सैम्पल गायब मिले, जिसमें से 51 रूधौली के थे। भानपुर से मिले सैम्पल खुले वीटीएम में मिले है। ये काले बैग में रखे गये थे जो कि अनुमन्य नही है। दुबौलिया से प्रेषित सैम्पल का पैकेट लीक कर रहा था। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि कोरोना के सभी कान्टैक्ट ट्रेस कर लिए गये है। मेडिसिन का वितरण समुचित ढंग से किया जा रहा है।डीआईओएस ने बताया कि 6 ब्लाक के 313 आशाओ से मोबाइल पर सम्पर्क किया गया। इसमें से 173 का मोबाइल स्वीचआफ/नाटरिचेबुल मिला। 140 आशाओं से वार्ता हुयी तथा उनसे दवा किट वितरण एवं होमआईसोलेटेड व्यक्तियों के बारे में रिपोर्ट ली गयी। उन्होने बताया कि 1747 में से 1115 दवा किट वितरित कर दी गयी है। 140 आशाओं को कुल 2240 किट दी गयी थी। बैठक में ओपेक कैली अस्पताल में भर्ती मरीजो से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उन्हें समय से नास्ता, भोजन वितरित कराया जाय।जिलाधिकारी ने कोविड टीकाकरण की समीक्षा किया। बैठक में सीडीओ डाॅ0 राजेश कुमार प्रजापति, एडीएम अभय कुमार मिश्रा, सीएमओ डाॅ0 अनूप कुमार, एसीएमओ डाॅ0 फखरेयार हुसैन, डाॅ0 सीके वर्मा, डाॅ0 सोमेश श्रीवास्तव, डाॅ0 एके कुशवाहाॅ, डाॅ0 आरके हलदार, डाॅ0 आईए अंसारी, जगदीश शुक्ला, रमन मिश्र, आलोक कुमार उपस्थित रहें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Ambala

मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

Published

on

By

करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

Continue Reading

Basti

प्राथमिक चिकित्सा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

Published

on

By

 

 

बस्ती(रुबल कमलापुरी/ब्यूरों)। जिला ग्राम्य विकास संस्थान परिसर में आपदा प्रबंधन क्षमता एवं सम्बवर्धन के तहत प्राथमिक चिकित्सा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। सामाजिक संस्था ह्यूमन सेफ लाइफ फाउण्डेशन के चेयरमैन एवं रेडक्रास ट्रेनर रंजीत श्रीवास्तव ने सिद्धार्थनगर जिले के बाँसी और इटवा के लेखपालों को आपदा की स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिये प्राथमिक उपचार की जानकारी दी।प्रशिक्षण के दौरान रंजीत श्रीवास्तव ने लेखपालों को दुर्घटना की स्थिति में रक्त-स्त्राव को रोकने का उपचार, हार्ट अटैक की स्थिति की पहचान एवं उसके प्राथमिक उपचार की सीपीआर तकनीक, भूकंप की स्थिति में बचाव के उपाय, विषैले एवं विषहीन सांप के काटने की पहचान, प्राथमिक उपचार, बाढ़ की स्थिति में स्वयं को एवं दूसरे डूबतें हुए व्यक्ति को बचाव के उपाय और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही एस्ट्रेचर, वाहन की अनुपलब्धता में रोगी को अस्पताल पहुंचाने के घरेलू उपाय की यह भी जानाकरी दी। उन्होंने बताया कि चोट लगने के बाद व्यक्ति को अस्पताल ले जाने से पहले किए जाने वाले सहायक इलाज को प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं। बीमार व्यक्ति की स्थिति को सुधारने के लिए भी प्राथमिक चिकित्सा का प्रयोग किया जाता है। प्राथमिक चिकित्सा पूर्ण चिकित्सा नहीं होती, लेकिन इससे अस्पताल ले जाने के लिए रोगी की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। अस्पताल ले जाते समय या मदद का इंतज़ार करते समय किसी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा देने से उसकी जान बच सकती है। आपातकालीन स्थिति में कुछ आसान तकनीकों और बहुत कम उपकरणों का इस्तेमाल करके किसी को प्राथमिक चिकित्सा देने के लिए आपको विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं है। यह आसानी से सीखा जा सकता है। प्राथमिक चिकित्सा से केवल जान ही नहीं बचाई जाती, इससे व्यक्ति के ठीक होने में समय भी कम लगता है और व्यक्ति को बड़े शारीरिक नुकसान से भी बचाया जा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ विवेक कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी रंजीत रंजन, मुकेश कुमार, पवन चौधरी, एल के पांडेय, रणविजय सिंह, अपूर्व शुक्ल, प्रतीक भाटिया, रजत सरकारी, नवीन पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद रहे।

 

Continue Reading

Basti

सदैव याद किये जायेेंगे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, माल्यार्पण कर किया नमन्

Published

on

By

 

बस्ती(रुबल कमलापुरी/ब्यूरों)। रविवार को आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के 126 वीं जयंती अवसर पर सोशल क्लब जिलाध्यक्ष अमर सोनी के संयोजन में नेताजी तिराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान पर संक्षिप्त चर्चा की गई।
क्लब जिलाध्यक्ष अमर सोनी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक सबसे प्रमुख नेता थे। बोस जी ने जनता के बीच राष्ट्रीय एकता , बलिदान और साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना को जागृत किया था। उनके योगदान को सदैव याद किया जायेगा। मण्डल अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय, संरक्षक अरविन्द श्रीवास्तव ‘गोला’ मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ ने नेताजी को नमन् करते हुये कहा कि नेताजी भारत के ऐसे सपूत थे जिन्होंने भारतवासियों को सिखाया कि झुकना नहीं बल्कि शेर की तरह दहाड़ना चाहिए। खून देना एक वीर पुरुष का ही काम होता है। नेताजी ने जो आह्वान किया वह सिर्फ आजादी प्राप्त तक ही सीमित नहीं था बल्कि भारतीय जन-जन को युग-युग तक के लिए एक वीर बनाना था। आजादी मिलने के बाद एक वीर पुरुष ही अपनी आजादी की रक्षा कर सकता है। आजादी को पाने से ज्यादा आजादी की रक्षा करना उसका कर्तव्य होता है। हमें नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिये। नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने वालों में सत्येन्द्र सिंह ‘भोलू’ विद्यामणि सिंह, राकेश चौरसिया, प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, सूर्यभान कुमार, अरविन्द कुमार, शिवा कुमार, विकास कुमार आदि शामिल रहे।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2020 nirvantimes.com , powered by ip digital