सीडीओ की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन

महराजगंज। विकास भवन सभागार, महराजगंज में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। किसान दिवस में किसानों की समस्याओं को सुनने के साथ कृषि निवेशों की उपलब्धता, उर्वरक वितरण, फसल अवशेष प्रबंधन तथा आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर चर्चा की गई।
               कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक ने किसानों को वर्तमान खरीफ सीजन में धान की पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने पराली जलाने से मृदा की उर्वरता एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को अपनाने की अपील की। कहा कि शासन और प्रशासन भी उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को लेकर प्रतिबद्ध है। ऐसी दशा में पराली जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी किसान भाई न सिर्फ स्वयं पराली जलाने से बचें बल्कि दूसरों को भी जागरूक करें।
         एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता ने उर्वरकों के प्रभावी और वैज्ञानिक उपयोग को लेकर जागरूक करते हुए कहा कि ज्यादा खाद डालना अधिक उत्पादकता की गारंटी नहीं है, बल्कि इससे फसल के साथ साथ भूमि की उर्वरता को भी नुकसान होता है।
किसान दिवस के दौरान कृषक अजय चौरसिया, ग्राम बरवा राजा, विकास खंड मिठौरा ने यूरिया एवं डीएपी उर्वरक के साथ नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी की टैगिंग किए जाने और निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की समस्या से अवगत कराया। वहीं, कृषक रमेश चन्द्र पटेल, ग्राम परसा गिदही, विकास खंड सिसवा ने उर्वरक की उपलब्धता तथा किसानों को उनकी भूमि के आधार पर आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने से संबंधित समस्या उठाई। कृषक संतराज यादव, ग्राम नेता सुरहुरवां, विकास खंड सदर ने किसानों को खाद, बीज एवं उद्यान विभाग से संबंधित कृषि निवेश समय से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
             बैठक में किसानों को अवगत कराया गया कि वर्तमान रबी सीजन के लिए दलहन, तिलहन एवं गेहूं के बीज तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बीज मिनीकीट जनपद के सभी विकास खंडों में उपलब्ध हो गई हैं। किसानों से अपील की गई कि वे संबंधित विभागों से संपर्क कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बीज एवं अन्य कृषि निवेश प्राप्त करें। गोष्ठी में भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रबंधक इफको, जिला प्रबंधक नाबार्ड, मत्स्य, उद्यान, गन्ना, खाद्य एवं रसद, सिंचाई, विद्युत तथा दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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