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Mathura

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मथुरा(कालीचरन बिन्दल)गणेशरा स्टेडियम में क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए तीन टीमों के बीच ट्राई सीरीज का आयोजन किया गया विजेता महाविद्या वॉरियर्स की टीम में शामिल खिलाड़ी कुलदीप ने 62 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम ने 203 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया।

मैच की शुरुआत क्रीड़ा अधिकारी एसपी बबनिया द्वारा टॉस उछालकर की गई। गेंदबाजी करने उतरी टीम क्लैंसी किंग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी महाविद्या वॉरियर्स की टीम ने शानदार पारी खेलते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 203 रन जुटाए। महाविद्या वॉरियर्स टीम के कप्तान कुलदीप ने 62 रन की शानदार पारी खेली वहीं साथ दे रहे देव कृष्ण शर्मा ने 43 रन की पारी खेलकर विपक्ष के लिए 203 रनों का स्कोर रखा। 203 रनों का पीछा करने उतरी क्लैंसी इलेवन टीम ने मामूली स्कोर खड़ा करते हुए 12 ओवर में 80 रन बनाए। इसमें महाविद्या वॉरियर्स टीम की तरफ से कुलदीप गोस्वामी को मैन ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पूरे टूर्नामेंट के प्रदर्शन को देखते हुए पवन शर्मा को बॉलर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। विजेता टीम के राज, आदित्य, रामू, मनोज, सन्तोष एंव और सभी खिलाडियो ने टीम में 203 रनों का स्कोर खडा करने में काफी योगदान दिया।महाविद्या वॉरियर्स ने 123 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

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मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध का मंचन हुआ

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करनैलगंज गोण्डा(ब्यूरो)। नगर की प्रसिद्ध रामलीला मंचन में रविवार को मेघनाथ पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति एवं कुंभकरण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। लगातार रामलीला का मंचन देखने के लिए भीड़ बढ़ रही है। रविवार की लीला में मेघनाथ मायावी रथ पर आरूढ़ होकर अपने दल बल के साथ रामादल पर आक्रमण कर देता है। हनुमान, सुग्रीव, जामवंत व श्रीराम से युद्ध के बाद लक्ष्मण व मेघनाथ में घनघोर युद्ध होने लगता है। लक्ष्मण के बाणों से तिलमिला उठता है। अंत में उसने ब्रह्मा द्वारा प्राप्त शक्ति बाण का संधान किया। जिसके प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हो जाते है। फिर उनके राक्षसी सेना लक्ष्मण जी के शरीर को उठाने का प्रयास करती है इतने में हनुमान जी पहुंच जाते है और सारे राक्षसों को मार के भगा देते है और लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में श्रीराम के पास ले आते है। श्रीराम विलाप करने लगते है तभी विभीषण के परामर्श से हनुमान लंका जाते है और सुषेन वैध को उठाकर ले आते है। वैध के बताए अनुसार हनुमान जी द्रोरदागिरी पर्वत को प्रस्थान करते है तथा संजीवनी बूटी न खोज पाने के कारण पूरे पर्वत को उठाकर आकाश मार्ग से चल देते है। अवध क्षेत्र से गुजरते हुए भरत जी देखते है और बाण चला देते है, जिसके कारण हनुमान जी पर्वत सहित भूमि पर आ जाते है। भरत जी और हनुमान जी में वार्ता होती है तथा यह बताते है की यदि रात बीत गई तो संजीवनी का प्रभाव नही रह जायेगा और लक्ष्मण जी के प्राण बचाना मुश्किल हो जायेगा। अविलंब भरत से विदा होने के बाद हनुमान जी रमाद्ल में आ जाते है सुषेण वैध संजीवनी बूटी द्वारा औषधि तैयार करके लक्ष्मण को पिलाते है औषधि के प्रभाव लक्ष्मण जी चैतन्य अवस्था में आ जाते है सारे रामादल में प्रसन्नता को लहर छा जाती है। उधर रावण यह समाचार पाकर कुंभकरण को जगाने जाता है काफी प्रयास के बाद उसके उठने पर उसे मांस मंदिरा का सेवन कराया जाता है। फिर रावण सारी बाते बताता है कुंभकरण रावण को समझता है कि सीता जगदम्बा है उनका हरण करके तुमने अच्छा नही किया मां सीता कालरात्रि स्वरूपा है। इसलिए बैर व संघर्ष न करो सीता को वापस कर दो, तब रावण कुंभकरण पर क्रोधित होता है। भाई को उलहाना देता है अंत में कुंभकरण युद्ध के लिए प्रस्थान करता है। श्री राम में घनघोर युद्ध होता है राम के बाणों से उसका मस्तक कट जाता है वह वीरगति को प्राप्त होता है लंका में शोक व्याप्त हो जाता है। जिसमें रावण का अभिनय अभिषेक जायसवाल, मेघनाथ का अभिनय अनुज जायसवाल, कुम्भकरण का अभिनय विकास जायसवाल ने किया। लीला के लेखक व निर्देशक श्री भगवान साह तथा संचालक पंडित राम चरित्र मिश्र महाराज ने किया। मैदान में कन्हैया लाल वर्मा, नीरज जायसवाल, विमलेंद्र जायसवाल, कमलेश सोनी , आजाद कसेरा, अंसु, अंकित जायसवाल, अनूप गोस्वामी रहे।

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सफाई-दवाई और कड़ाई, जीतेंगे कोरोना से लड़ाई- श्रीकान्त शर्मा

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मथुरा। ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री पं. श्रीकान्त शर्मा ने वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर मथुरा के चिकित्सालयों में मरीजों के जांच, उपचार और उपकरण हेतु विधायक निधि (2021-22) से एक करोड़ रुपये की राशि दी। ऊर्जा मंत्री ने लोगों से अपील भी की कि अपनी और अपनों की ज़िन्दगी की ख़ातिर कोविड से बचने के नियमों का कठोरता से पालन करें। ऊर्जा मंत्री कोरोना को हराने विधायक निधि से अब तक 2 करोड़ रुपये की राशि दे चुके हैं।

ऊर्जा मंत्री ने डीएम को पत्र लिखकर सीडीओ के जरिये विधायक निधि से एक करोड़ रुपये की राशि जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवमुक्त करवाने के लिए कहा।ऊर्जा मंत्री जनपद में कोरोना से सुरक्षा की तैयारियों व कदमों को लेकर रोज समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने डीएम से समीक्षा के दौरान कहा कि विधायक निधि का पूरा पैसा मरीजों के इलाज व उनके लिए संसाधन बढ़ाने पर खर्च किया जाए, गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखें।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में अतिरिक्त बेड,ऑक्सिजन बेड व वेंटिलेटर की व्यवस्था हो। कॉल पर एम्बुलेंस समय से पहुंचे, रैपिड रेस्पॉन्स टीम मुस्तैद रहें, टेस्टिंग और वैक्सीनेशन में लोगों को कोई असुविधा न हो, यह डीएम नियमित समीक्षा कर सुनिश्चित करें। मेडिकल स्टाफ व अन्य कोरोना योद्धाओं की सुविधा व सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो, यह सुनिश्चित करें। नगर निगम और प्रशासन आवश्यकता अनुसार माइक्रो कन्टेनमेंट जोन तैयार करे।

प्रधानमंत्री का ‘दवाई के साथ कड़ाई भी’ का संदेश ऑडियो-विज़ुअल माध्यम से सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और सरकारी वाहन लगातार प्रसारित कर जागरूकता बढ़ाएं।

ऊर्जा मंत्री ने आमजन से बेवजह घर से न निकलने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के डर से नहीं बल्कि अपनी व अपनों की सुरक्षा की खातिर ‘दो गज दूरी-मास्क है जरूरी’ का पालन करना है।

ऊर्जा मंत्री ने लगातार 24 घंटे लोगों की सेवा और सुरक्षा में जुटे स्वास्थ्य, बिजली व सफ़ाई कर्मचारियों सहित पुलिस व अन्य कोरोना योद्धाओं के जज्बे को सेल्यूट करते हुए कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना को ‘टीम इंडिया’ परास्त करेगी।

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वृन्दावन – कुंभ मेले में हुआ वेदांग महोत्सव का आयोजन, देश भर से जुटे ज्योतिष

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श्री संकट मोचन योग अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित हो रहे वृंदावन कुंभ के दौरान 25 दिवसीय विशाल

वृंदावन(पी.के आर्य)योग कुंभ कार्यक्रम के अंतर्गत सर्व ब्राह्मण महासभा के संयुक्त तत्वावधान में वेदांग महोत्सव का विशाल एवं सफल आयोजन हुआ। भारत वर्ष के जाने माने ज्योतिषाचार्यजी डी वशिष्ठ ने कहा हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता में हमेशा ऐसे ही धर्म, ग्रंथ , शास्त्र, वेद, पुराण, ज्योतिष आदि हमारी जीवन शैली का महत्वपूर्ण अंग रहे हैं। भारत में इनके बिना जीवन की परिकल्पना करना भी अधूरा माना गया है। महामंडलेश्वर हरिहरानंद महाराज ने कहा कि कुंभ हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है जैसे हम अपनी संस्कृति के बिना कुछ भी नहीं है, वैसे ही वेदांग के बिना भी हमारी आध्यात्मिक परंपरा अधूरी है। उत्तराखंड के पूर्व मंत्री नन्द किशोर पुरोहित ने कहा कि वेदांग और ज्योतिष ना केवल एक विद्या है बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन है जो हमें श्रेष्ठ जीवन जीने का मार्ग भी दिखाते हैं।महामंडलेश्वर त्र्यंबकेश्वर और धर्म नाथ शास्त्री ने कहा कि को जल्दी भारत को यदि पहचानना है तो यहां के वेदांग, ज्योतिष, शास्त्र और ग्रंथों को पढ़कर जाना जा सकता है। एक तरह से कहा जाए तो पूरा भारत इन वेदांग, उपनिषद, ग्रंथों , शास्त्रों , पुराणों में ही बसता है।
इस अवसर पर पंडित गंगाधर पाठक जी, ज्योतिषाचार्य एवम् टैरो कार्ड रीडर वाई राखी जी, नीति कौशिक जी, अंतराष्ट्रीय योग गुरु डॉ बालमुकुंद शास्त्री जी ज्योतिषाचार्य डॉ लक्ष्मी नारायण मिश्र जी, अरुण बंसल जी, एडीएम महोदय मथुरा, अखिलेश गौड़ जी, संजय पंडित पाराशर जी, कैलाश पाठक जी प्रशासनिक पाधिकारी जी, ज्योतिषाचार्य नीति शर्मा जी, राजकुमार शर्मा जी, विमल पारिख जी, रमेश शिवाल, रमेश भोजराज द्विवेदी, एस के जोशी, अमित शर्माजी, संस्थान के निदेशक डॉ धर्मनाथ शास्त्री जी, श्री अभयचंद्र शास्त्री जी, डॉ बालकृष्ण शास्त्री जी, गिरिजेश नंदिनी झा, पंकज कुमार झा जी, सर्व ब्राह्मण महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शुभेष शर्मन जी, श्री राम जी।

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